आगरा। बच्चों को बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके और छात्र एक स्वच्छ स्कूल भवन में अपनी पढ़ाई कर सके इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रयासरत है लेकिन नव निर्माण शिक्षा भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते चले जा रहे हैं। भ्रष्टाचारी शिक्षा भवन निर्माण में भी सेंधमारी करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसमें छोटे-छोटे बच्चे और नौनिहाल अपने उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षा ग्रहण करने की तैयारी कर रहे हैं।
ऐसा ही कुछ मामला पिनाहट ब्लॉक की ग्राम पंचायत चचिहा का है। इस क्षेत्र में सरकार की ओर से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण कार्य कराया जा रहा है लेकिन जिस ठेकेदार को इसके निर्माण का कार्य मिला है। वो सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है। कॉलेज निर्माण में मानक के विपरीत घटिया सामग्री का इस्तमाल हो रहा है। जिसके कारण निर्माणाधीन बिल्डिंग में मोटी दरारें आ गयी है और ठेकेदार इन दरारों को मिटटी और मलबे से दबा रहा है।
ठेकेदार की इस कार्यगुजारी को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा काट दिया। निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया सामग्री की शिकायत ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से की। ग्राम प्रधान ने निर्माण स्थल का दौरा किया और स्कूल का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
बड़े पैमाने पर स्कूल निर्माण में हो रही धांधले बाजी की ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री, डीएम व एसडीएम से लिखित शिकायत की है। ग्राम प्रधान ने मांग की है कि इंजीनियर व ठेकेदार के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच करायी जाये।
ग्राम प्रधान का कहना है कि सरकार निर्माण कार्य में अच्छी गुणवत्ता के लिए भरपूर बजट दे रही है लेकिन फिर भी ठेकेदार भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे है। ग्राम प्रधान का कहना है कि इस स्कूल का बजट 1करोड़ 40 लाख रुपये है। सबसे बड़ा सवाल यह है की बिल्डिंग गिरने या ध्वस्त होने पर कौन होगा इसका जिम्मेदार कौन होगा।
