आगरा। जानलेवा मॉकड्रिल का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जहां जांच शुरू कर दी है वहीं गत 26- 27 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में अपनों को गंवाने वाले परिजन भी डॉक्टर के खिलाफ मेडिकल हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग प्रशासन से कर रहे हैं। भले ही आगरा डीएम दावा कर रहे हैं कि 27 अप्रैल को आंकड़ों के मुताबिक पारस हॉस्पिटल में 3 मौत हुई थी लेकिन अब तक 7 परिवार सामने आ चुके हैं जिन्होंने इसी दिन पारस हॉस्पिटल में अपनों को खोया था।
कृष्णा कॉलोनी जीवनी मंडी के निवासी चावला परिवार के दो स्वजन 26 और 27 अप्रैल को श्री पारस हॉस्पीटल में इलाज के दौरान काल के गाल में समा गए। पीड़ित अशोक चावला ने बताया कि उनके पिता और छोटे भाई की पत्नी दोनों का गंभीर हालत में श्री पारस हॉस्पीटल में इलाज चल रहा था। उनके पिता वेंटिलेटर पर थे। 26 अप्रैल को सुबह-सुबह डॉ अरिंजय जैन का फोन आया कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है। जल्द से जल्द सिलेंडर का इंतजाम करें।
अशोक चावला ने बताया कि उन्होंने बहुत ही जल्दी एक सिलेंडर का इंतजाम किया। हॉस्पीटल में सिलेंडर देने के 15 मिनट के बाद ही उनके बेटे मयंक चावला का फोन आया कि दादा नहीं रहे। इस पर डॉ जैन का कहना था कि पिता वेंटिलेटर पर थे और उनके द्वारा लाई गई ऑक्सीजन 10 से 15 मिनट ही चल पाई।
पीड़ित के अनुसार डॉ अरिंजय जैन ने उनकी छोटे भाई की पत्नी के लिए भी ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करने को कहा। इसके बाद वह उन्होंने जैसे तैसे एक सिलेंडर की जुगाड़ की और छोटे भाई की पत्नी के बेड तक आक्सीजन पहुंचाई लेकिन 27 अप्रैल को छोटे भाई की पत्नी की भी मौत हो गई। अशोक चावला के मुताबिक उसके पिता और छोटे भाई की पत्नी की मौत का जिम्मेदार डॉ जैन है। उनका कहना है कि उस दिन पारस अस्पताल में कई अन्य रोगियों की मृत्यु हो गई थी।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गंभीर हालत में मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने का मॉकड्रिल करना अमानवीय कृत्य है। यह मेडिकल हत्या है। अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
