Agra. सोमवार को सोशल मीडिया पर पारस हॉस्पिटल के संचालक चिकित्सक अरिंजय जैन का मौत की मॉक ड्रिल के वायरल हुई वीडियो से पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। विपक्ष पार्टी जहां इस हॉस्पिटल पर कार्रवाई की मांग को लेकर योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रही है तो वहीँ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव अमित सिंह के नेतृत्व में चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ न्यू आगरा थाने पर जमकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद न्यू आगरा इंस्पेक्टर से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन देकर इस संबंध में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्रवाई किए जाने की मांग की –
1:- वीडियो के आधार पर हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ साजिशन व हत्या का मुकदमा दर्ज हो
2:- जांच पूरी होने तक पूरा हॉस्पिटल को सीज किया जाए
3:- तत्काल हॉस्पिटल संचालक और संबंधित दोषियों को हिरासत में लिया जाए और उनके ऊपर देशद्रोह के तहत कार्रवाई की जाए
4:- वीडियो की फोरेंसिक जांच की जाए जिससे आरोपी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सके।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू भी मौजूद रहे। उनका कहना था कि कोरोना काल में जहां कांग्रेस पार्टी कोरोना मरीजों की मदद करने में जुटी रही तो वहीं स्थानीय प्रशासन की शह पर कुछ हॉस्पिटल संचालक मौत का खेल खेलते रहे। इस खेल का एक वीडियो भी अब तो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है जिसने धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव अमित सिंह का कहना था कि इस मामले में पार्टी नेतृत्व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी संज्ञान लिया है। पारस हॉस्पिटल के निदेशक अरिंजय जैन ने ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी के दौरान जो घिनौना खेल खेला है वह माफी लायक बिल्कुल नहीं है। ऐसे हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और हॉस्पिटल पूरी तरह से सीज कर देना चाहिए। डॉ अरिंजय जैन ने 5 मिनट की मॉक ड्रिल कर लगभग 26 लोगों की जान ले ली।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष माया माहौर का कहना था कि पिछले वर्ष जब कोरोना संक्रमण फैला था तो उस समय पारस हॉस्पिटल कोरोना फैलाने का सबसे बड़ा हब था। उस समय इस हॉस्पिटल पर कार्रवाई भी हुई लेकिन जिले के बड़े अधिकारी की छत्रछाया मिलने के बाद हॉस्पिटल दोबारा से खोल दिया गया। उसी का नतीजा रहा कि हॉस्पिटल संचालक की इतनी हिम्मत बढ़ गई कि उसने मौत की मॉक ड्रिल ही कर दी।
कांग्रेस प्रदेश सचिव अमित सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर आरोपी हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई और हॉस्पिटल सीज नहीं किया गया तो उसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी।
