आगरा में एक दिन के अंदर जहरीली शराब से आठ लोगों की मौत को लेकर जहां पूरे आगरा वासियों में आक्रोश है, त्राहिमाम मचा हुआ है तो वहीं इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने अपना बयान साफ कर दिया है। एसएसपी आगरा मुनिराज जी के मुताबिक ताजनगरी आगरा में मरने वाले आठ लोगों की मौत का कारण जहरीली शराब का सेवन नहीं बल्कि लंग में इन्फेक्शन और शराब की ओवरडोज है।
मंगलवार को डौकी थाना क्षेत्र के कोलारा गांव में चार लोगों की जहरीली शराब के सेवन से मौत हुई। ठीक उसी दिन ताजगंज थाना क्षेत्र के देवरी गांव में भी चार लोगों की जहरीली शराब के सेवन से मौत हुई। इस मामले में मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने देशी शराब के तीन दुकानों को सील कर दिया और जांच शुरू कर दी। हालांकि पुलिस प्रशासन के मुताबिक मरने वाले कुछ लोगों के परिवारों ने अपने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया था और जिन शवों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ उनके शवों को पोस्टमार्टम भेजा गया। अब प्रशासन मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। मगर एसएसपी आगरा मुनिराज जी का दावा है कि आठ लोगों की मौत का कारण जहरीली शराब का सेवन नहीं है।
सवाल इस बात का है कि जो आठ काल के गाल में समा गए अगर उनकी मौत जहरीली शराब के सेवन से नहीं हुई तो जिला प्रशासन और आगरा की पुलिस कुंभकरण की नींद से क्यों जागी। क्यों आनन-फानन में शराब के अड्डों पर छापे मार कार्यवाही शुरू की गई। पुलिस प्रशासन के बयान में कुछ झोल नजर आ रहा है। पूर्व में भी आबकारी विभाग और इलाकाई पुलिस की संलिप्तता पाए जाने के कारण आगरा में जहरीली शराब के सेवन से मौत के कई मामले सामने आए थे।
