आगरा। आज करीब 1:30 बजे रामबाग चौराहे के पास यमुना नदी के ऊपर निर्माणाधीन पुल के तीन पिलर गिर गए जिससे आसपास के लोगों में भारी हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि इस हादसे में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
लोगों ने बताया कि 1:30 बजे करीब जो कर्मचारी उस पुल के निर्माण कार्य में सलिप्त थे उनका 1:00 से 2:00 बजे का लंच चल रहा था जिससे हादसा भयावह होने से बच गया। अगर कोई भी कर्मचारी पिलर गिरने के समय पर मौजूद होता तो बहुत बड़ी जनहानि हो सकती थी।

वहीं इस घटना की जबमौके पर जाकर पड़ताल की तो करीब 1 घंटे बाद एनएचएआई के अधिकारी ज्वाइंट एजीएम लक्ष्मी नारायण रेड्डी बात करने को तैयार हुए। उन्होंने बताया कि बेयरिंग सही करने का काम चल रहा था जिसके तुरंत बाद ही लंच हो गया और सारे कर्मचारी लंच को चले गए थे। उसी बीच 3 पिलर किसी तरह से गिर गए लेकिन कोई भी जनहानि नहीं हुई है।
रेड्डी ने बताया कि पुल बनाने का काम प्राइवेट कंपनी ओरिएंटल कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। एनएचएआई के अधिकारी मिस्टर रेड्डी से जब जांच और कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो वह बात को घुमाते नजर आए। पुल गिरने जैसी वारदात को हल्की फुल्की घटना बताकर संबंधित अधिकारी कार्यवाही से बचते नजर आए लेकिन एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि अगर काम चल रहा होता तब यह पिलर गिर जाते और जनहानि होती तो इस हादसे जिम्मेदार कौन होता?
