आगरा। जहरखुरानी का शिकार बना एक रेलवे यात्री आगरा कैंट स्टेशन पर बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। उसके परिजन चिकित्सकों का इंतजार करते रहे लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद भी रेलवे के चिकित्सक एक से डेढ़ घंटा लेट स्टेशन पर पहुंचे जिसके बाद जहारखुराने का शिकार हुए रेल यात्री को इलाज मिल पाया। रेल यात्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे चिकित्सक ने उसे रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है।
मामला सुबह आगरा कैंट रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 2 का है। पंजाब मेल से फतेहपुर सीकरी निवासी जयसिंह अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे जिन्हें बेहोशी की हालत में आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने उतारा। रेल यात्री की स्थिति नाजुक देखकर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर और रेलवे अस्पताल में दी। लेकिन रेलवे चिकित्सक की 500 मीटर की दूरी आने में 1 घंटे में तय हो पायी। इस बीच जहर खुरानी का शिकार बना रेलयात्री स्टेशन की बेंच पर ही पड़ा रहा और उसके परिजन चिकित्सक की राह तकते रहे।
चिकित्सक ने उसकी स्थिति देखकर उसे रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। अगर रेलयात्री को उपचार मिलने में समय लगता तो हो सकता था कि उस यात्री की जान जा सकती थी। इस घटना ने रेलवे चिकित्सकों की लापरवाही को सामने ला दिया है।
रेलयात्री के परिजनों ने बताया कि पास में बैठे युवक ने उन्हें कुछ खिलाया जिसके बाद वो बेहोश हो गए और एक घण्टा बेंच पर ही बेहोश पड़े रहे। चिकित्सक भी एक घंटे बाद आये और उनका इलाज शुरु किया।
