केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 4 पन्नों का एक पत्र लिखकर अपने किसानों को सच और झूठ से वाकिफ कराने का प्रयास किया है। साथ ही उनका कहना है कि कृषि आंदोलन के चलते लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है जिसे दूर करने का वे प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी किसानों से अनुरोध किया है कि कृषि बिल को लेकर जो भावनाएं उन्होंने साझा की हैं उन्हें पढ़कर समझने का प्रयास करें।
इस पत्र में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वह भी एक किसान परिवार से आते हैं और कृषि की बारीकियों को समझते हैं कि किन कठिन परिस्थितियों से गुजर कर अनाज का उत्पादन होता है। इसलिए वह किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए ही अपनी बात किसानों के साथ साझा कर रहे हैं।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने ट्वीट में लिखा था कि “सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास” के मंत्र पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बिना भेदभाव सभी का हित करने का प्रयास किया है। विगत 6 वर्षों का इतिहास इसका साक्षी है।”
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की इस ट्वीट को प्रधानमंत्री मोदी ने भी रिट्वीट किया है और लिखा है कि “कृषि मंत्री @nstomar जी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है। सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें। देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।”
इस प्रपत्र में एमएसपी, एपीएमसी, जमीन, भुगतान, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और कृषि बिल पर चर्चा को लेकर सच और झूठ का फासला बताया गया है। इस प्रपत्र में बताया गया है कि देश के कई किसान संगठन इन बिलों का स्वागत कर चुके हैं और उनका लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के सामने झूठ की दीवार रखकर उनको भड़काया जा रहा है। हालांकि कृषि मंत्री होने के नाते मेरा दायित्व है कि सरकार और किसानों के बीच पनप चुकी इस झूठ की दीवार को हटाकर सच्चाई और वस्तुस्थिति को यथावत बताया जाए।
पत्र पढ़ने के लिए नीचे लिंक पर जाएं –
