आगरा। लॉक डाउन कर कारण सभी काम बंद हैं और प्रतिदिन कमाने और खाने वाले इन लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी है। धीरे धीरे पैसा खत्म हुआ और भूख की मार इन्हें मारने लगी। ऐसे लोगों की मदद के लिए प्रशासन आगे आया है लेकिन कुछ पीड़ितों की मदद पुलिस व प्रशासन भी नही कर सका है। ऐसे ही लोगों में से ईदगाह बस स्टैंड के पास गरीब दास का नगला, बारह खंभा में रहने वाले सुरेन्द्र की है। सुरेंद्र खुद तो विकलांग है और उनकी पत्नी भी विकलांग हैं। परिवार में एक 15 दिन की नवजात बच्ची व बूढ़ी मां है।
परिवार का जैसे तैसे भरण पोषण होता है लेकिन लॉक डाउन ने इनकी जिंदगी बदल दी। रसद खत्म होने पर कई लोगों के साथ हेल्पलाइन नंबर पर मदद मांगी लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात। ऐसे में मददगार बनकर आगरा कांग्रेस के प्रवक्ता आईडी श्रीवास्तव और समाजसेवी नरेश पारस आगे आये और विकलांग पीड़ित परिवार के घर रसद पहुँचाई।

काँग्रेस प्रवक्ता आईडी श्रीवास्तव ने बताया कि आकस्मिक ही उन्हें फोन आया और उसने बताया कि वो सुरेंद्र गरीब दास का नगला, बारह खंभा से बोल रहा है। वो विकलांग है और घर पर रसद सामग्री ख़त्म हो गयी है। मैं और मेरी पत्नी दोनों विकलांग है, घर में 15 दिन की नवजात बच्ची व बूढ़ी मां है। उन्होंने कल से खाना नही खाया। कोई उनकी मदद नही कर रहा और हेल्पलाइन नंबर से भी कोई मदद नही मिली। लॉक डाउन के कारण आसपास के लोगों ने भी हाथ खड़े कर दिए है। इस फोन की जानकारी जुटाई तो बात सही निकली। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को व्हाट्स एप पर मदद करने को कहा लेकिन कोई आगे नही आया।
इसके बाद प्रमुख समाज सेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस से वार्ता हुई। नरेश पारस ने पूरी बात सुनकर 30 मिनट मांगे और सिर्फ 30 मिनट के अंदर राशन सहित खाने का अन्य सामान उस पीड़ित विकलांग के घर पर पहुंच गए।

आईडी श्रीवास्तव ने बताया कि जिज्ञासा वश मैंने पीड़ित विकलांग को फोन किया तो उसने बताया कि रसद व अन्य सामान घर आ गया है, आपका धन्यवाद।
