आगरा। वैश्विक संकट के दौर में अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने वाले आगरा एसएन में बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश्वर दयाल के खिलाफ उत्तर प्रदेश शासन ने जांच बैठा दी है। दरअसल एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर जीके अनेजा के क्वॉरेंटाइन में जाने के बाद शासन ने डॉ राजेश्वर दयाल को कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में नियुक्त किया था लेकिन डॉक्टर दयाल ने कार्यवाहक प्राचार्य का पदभार ग्रहण नहीं किया और इस पद के दायित्व निभाने में असमर्थता जता दी। शासन ने इसे बड़ी लापरवाही और अनुशासनहीनता का विषय मानते हुए उनके खिलाफ आगरा कमिश्नर को जांच सौंप दी है।
बताते चलें कि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जी के अनेजा आकस्मिक चिकित्सा अवकाश पर चले गए थे जिसके बाद शासन ने बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ राजेश्वर दयाल को कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में नियुक्त किया था, इस पर डॉक्टर दयाल ने अपनी सहमति भी जताई थी। इसके बावजूद 5 अप्रैल को उन्होंने कार्यवाहक प्राचार्य का पद ग्रहण नहीं किया और उसके अगले ही दिन 6 अप्रैल को इस पद का दायित्व निभाने में असमर्थता जताई गई। इस दौरान एसएन में दो दिन प्राचार्य पद खाली रहा जिसके बाद आनन-फानन में शासन ने डॉ एके आर्य को कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया था।

कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौर में डॉक्टर राजेश्वर दयाल के इस कृत्य को उत्तर प्रदेश शासन ने घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ जांच बैठा दी है और आगरा कमिश्नर को जांच अधिकारी बनाया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों सीएम योगी के साथ हुई मीटिंग में भी यह मसला उठा था जिसके बाद सीएम योगी ने डॉक्टर दयाल को कड़ी फटकार लगाई थी।
