Home » तहबाजारी शुल्क बढ़ाने पर विरोध में उतरे छोटे व्यापारी-मजदूर, बंद रखी सदर चाट गली

तहबाजारी शुल्क बढ़ाने पर विरोध में उतरे छोटे व्यापारी-मजदूर, बंद रखी सदर चाट गली

by admin
Small traders-labourers came out in protest for increasing the Tahbazari fee, kept closed Sadar Chaat Gali

Agra. आगरा छावनी परिषद ने तहबाजारी शुल्क को बढ़ाकर ठेल ढकेल लगाने वाले और छोटे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ठेल ढकेल वाले लोग इस विरोध में उतर आए हैं तो वहीं सदर बाजार में लगने वाली मशहूर चाट गली के दुकानदारों ने भी बाजार बंद कर अपना विरोध जताते हुए आक्रोश व्यक्त किया है।

छावनी परिषद की ओर से बढ़ाये गए तहबाजारी शुल्क की मार ठेल, ढकेल व खोखे लगाने वालों पर भी पड़ी है। प्रतिदिन कमाने और खाने वाले यह छोटे व्यापारी अब दोगुना टैक्स जमा करेंगे। बढ़ाए गए टैक्स के विरोध में इन लोगों ने छावनी परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से छावनी परिषद अधिकारियों को रूबरू भी कराया लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। जिसके विरोध में इन लोगों ने सड़कों के किनारे अपनी ठेल, ढकेल और खोखा न लगाकर आक्रोश व्यक्त किया है।

खाने-पीने के लिए प्रसिद्ध आगरा के सदर बाजार की चाट गली के दुकानदारों ने भी छावनी परिषद पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। छावनी परिषद द्वारा तहबाजरी की दर दोगुनी करने से दुकानदारों में आक्रोश है। इसके विरोध में गुरुवार को सदर की चाट गली के दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद रखा और फ़ास्ट फ़ूड व चाट पकोड़े की ठेल भी नही लगी।

Small traders-labourers came out in protest for increasing the Tahbazari fee, kept closed Sadar Chaat Gali

शहर की सदर बाजार में खाने-पीने के लिए चाट गली मशहूर है। चाट गली में दूर-दूर से लोग परिवार के साथ खाने का लुत्फ लेने आते हैं। यहां के दुकानदारों से छावनी परिषद द्वारा तह बाजारी ली जाती है। दुकानदारो ने बताया कि कई साल पहले दुकानदारों से 10 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से तहबाजारी ली जाती थी। समय के साथ इसमें बढ़ोतरी हुई और यह दर 50 रुपए तक पहुंच गई। मगर, करीब छह माह पहले छावनी परिषद द्वारा इसे 50 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए कर दिया लेकिन अब छावनी परिषद ने एक बार फिर से शुल्क बढ़ा दिया है। अब दुकानदार और बाजार में स्टॉल लगाने वालों से 200 रुपए शुल्क देने का आदेश आ गया है। इसका सभी दुकानदारों ने विरोध किया। मगर अधिकारियों ने बढ़ोतरी को वापस लेने से इंकार कर दिया।

Related Articles