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श्री गिरिराज जी छप्पन भोग महोत्सव: बैकुंठ लोक सरीखा सजेगा गोवर्धन धाम, स्वर्ण शंख से होगा गोविंद अभिषेक

by admin

आगरा। भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अनुपम संगम रविवार एवं सोमवार को गोवर्धन धाम में साकार होने जा रहा है, जब श्री गिरिराज जी सेवा मंडल, आगरा द्वारा दो दिवसीय 56 भोग दिव्य छप्पन भोग महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। वैदिक अनुष्ठानों, दिव्य श्रृंगार, भजन संध्या और विराट परिक्रमा से सुसज्जित यह महोत्सव श्रद्धालुओं को गौलोक की अनुभूति कराएगा। महोत्सव की पूर्व संध्या पर विजय नगर, आगरा में आयोजित बैठक में श्री गुरु काष्र्णि आश्रम, बड़ी परिक्रमा मार्ग, आन्योर, गोवर्धन में होने वाले इस विशाल आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

संस्था के संस्थापक नितेश अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ रविवार को अत्यंत भव्य गोविंद अभिषेक के साथ किया जाएगा। हरिओम महाराज के पावन सानिध्य में 11 ब्राह्मणों द्वारा स्वर्ण जड़ित शंख से ठाकुर जी का अभिषेक वैदिक विधि-विधान से संपन्न होगा। अभिषेक में दुग्ध की सप्तधारा, 21 प्रकार के रस, गोवर्धन धाम के विभिन्न कुंडों का जल, पंचामृत, केसर जल एवं इत्र का उपयोग किया जाएगा। इसके उपरांत प्रभु को माखन-मिश्री, तुलसी दल सहित विशेष भोग अर्पित किए जाएंगे।
गोविंद अभिषेक के पश्चात बैंड-बाजों और भजन मंडलियों के संग चांदी के पात्रों से दुग्ध धारा के साथ गिरिराज महाराज की विराट परिक्रमा आयोजित की जाएगी। परिक्रमा के दौरान गिरिराज जी डोले पर विराजमान रहेंगे तथा भजन मंडलियां पूरे परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर करेंगी।
सह संस्थापक मयंक अग्रवाल ने बताया कि परिक्रमा उपरांत आयोजन स्थल पर भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें कानपुर से विशेष रूप से आमंत्रित भजन गायिकाएं सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देंगी।
संरक्षक महंत कपिल नागर एवं रविंद्र गोयल ने जानकारी दी कि सोमवार को ठाकुर जी स्वर्ण हंस रथ पर विराजमान होंगे। प्रभु स्वर्ण एवं हीरे के हार धारण करेंगे तथा चांदी की छड़ी से उनका दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आयोजन स्थल को स्पेशल इफेक्ट द्वारा बैकुंठ लोक स्वरूप में सजाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु स्वर्ग की दिव्य अनुभूति का आनंद लेते हुए प्रभु गिरिराज महाराज के दर्शन कर सकेंगे। चलते हुए बादल मुख्य आकर्षण रहेंगे।
अध्यक्ष अजय सिंघल, महामंत्री विजय अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष विशाल बंसल ने बताया कि महिलाएं चांदी के कलश लेकर महोत्सव में सहभागिता करेंगी और आयोजन स्थल पर कलश स्थापना की जाएगी। साधु-संतों की सेवा, भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था रहेगी।

ठाकुर जी को 11 किलो वजनी चांदी के थाल में छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। लगभग 50 फुट ऊंचे एवं 30 फुट चौड़े भव्य मंच पर प्रभु विराजमान होंगे, जिससे चारों दिशाओं से श्रद्धालु सहज दर्शन कर सकें। भोग अर्पण के पश्चात हजारों भक्तों के लिए महा प्रसादी का वितरण आरंभ होगा, जो प्रभु इच्छा तक अनवरत चलेगा। इसके साथ भजन संध्या एवं भव्य झांकियों की प्रस्तुति होगी। ठाकुर जी को अमृततुल्य दूध चांदी के बर्तनों में अर्पित किया जाएगा। शयन आरती के साथ दो दिवसीय दिव्य 56 भोग छप्पन भोग महोत्सव का समापन होगा।

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