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उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के निवासियों को मिली बड़ी राहत, एक महीने बाद मिलेगी एक और खुशखबरी

by admin

पिनाहट। पिनाहट चंबल नदी में मंगलवार को स्टीमर का संचालन शुरू हो गया। पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन शुरू होने से उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश दोनों राज्यों के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और स्टीमर से चंबल नदी पार करने के लिऐ दोनों किनारों पर भारी भीड़ उमडी पड़ी।

आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश दोनों राज्यों के ग्रामीणों के आवागमन के लिए पिनाहट घाट पर स्टीमर व पैंटून पुल का संचालन किया जाता है।  बरसात के 4 महीनों के लिए स्टीमर का संचालन और शेष 8 माह तक पैंटून पुल संचालन रहता है। इस बार 9 अक्टूबर को जर्जर स्टीमर पानी भरने के चलते चंबल नदी में डूब गया था। पिछले 2 सप्ताह से उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश दोनों राज्यों का संपर्क टूटा था। दोनों राज्यों के ग्रामीणों को बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दोनों राज्यों के ग्रामीण 140 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद एक दूसरे के गाँव में पहुंच रहे थे जिससे लोगों के समय व पैसे की बर्बादी हो रही थी। यात्रियों को शारीरिक व मानसिक सभी तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा था।

मध्यप्रदेश के अधिकतर ग्रामीण पिनाहट कस्बे का बाजार करने के लिए आते हैं। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश दोनों राज्यों का संपर्क टूटने के बाद पिनाहट कस्बा बाजार व्यापार ठप चल रहा था। दीपावली जैसे बड़े त्यौहार पर भी व्यापारी हाथ पर हाथ रखे हुए बैठे थे। स्टीमर न आने के चलते पिनाहट कस्बा बाजार में सन्नाटा छाया हुआ था। स्टीमर का संचालन न होने से गुस्साए व्यापारियों ने दो दिन के अंदर पिनाहट चंबल नदी में स्टीमर का संचालन न होने पर बाजार बंद करने की चेतावनी दी थी। व्यापारियों की चेतावनी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी जिलाधिकारी आगरा एनजी रवि कुमार व एसडीएम बाह महेश प्रकाश गुप्ता व लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एक्सईएन गोविंद सागर वर्मा को दी। इसके बाद डीएम ने ठेकेदार को कड़ी चेतावनी देते हुए मंगलवार तक पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन शुरू करने के कड़े निर्देश दिए गए थे । ठेकेदार ने रविवार को ही बरेली से स्टीमर को ट्रौला में लादकर धौलपुर के लिऐ भेज दिया। सोमवार रात्रि को स्टीमर धौलपुर पहुंच गया और मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे धौलपुर से पानी के रास्ते स्टीमर पिनाहट घाट पर पहुंचा।

मंगलवार को पिनाहट घाट पर ठेकेदार द्वारा विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना के बाद नए स्टीमर का संचालन शुरू किया। पहला खेव पिनाहट की तरफ से मध्य प्रदेश की तरफ चलाया गया।  वहीं पिनाहट घाट स्टीमर का संचालन शुरू होने की सूचना क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्टीमर मंगाने में व्यापारियों व समाज सेवियों का अतुलनीय सहयोग रहा ।

पिनाहट घाट पर पहुंचा नया स्टीमर लोहे का बना हुआ है। पहले वाला स्टीमर लकड़ी का बना हुआ था। कर्मचारियों ने बताया कि स्टीमर में दो इंजन लगे हुए हैं। स्टीमर 16 फुट चौड़ा और 40 फीट लंबा है। स्टीमर एक बार में केवल 100 से 150 यात्रियों को ही ले जा  सकता है। इससे अधिक इस स्टीमर में सवारियां नहीं ले जायी जा सकती। सुरक्षा की दृष्टि से थाना प्रभारी पिनाहट अंजीश कुमार भी स्टीमर संचालन के समय पुलिस बल के साथ मौजूद रहे व ठेकेदार को यात्रियों को लाईन से स्टीमर पर चढ़ाये के निर्देश दिये।

वहीं इस मामले में एसडीएम बाह महेश प्रकाश गुप्ता का कहना है कि पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन शुरू हो चुका है। स्टीमर पर वसूली की शिकायत मिली तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

एक माह बाद शुरू होगा पैंटून पुल का निर्माण कार्य

चंबल का जलस्तर अधिक होने व चंबल का फाड़ अधिक होने कारण पैंटून पुल लगने में अभी एक माह और लग जायेगा क्योंकि अभी पुल की टेंडर प्रक्रिया बाकी है। वहीं इस मामले एक्सईएन गोविंद सागर वर्मा का कहना है कि ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए हाल में स्टीमर चालू करा दिया गया है। 26 अक्टूबर को पैंटून पुल का टेंडर डाला जायेगा। उसके बाद एनओसी सहित प्रक्रियाएँ अमल में लायी जाएँगी।

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