आगरा। ताजनगरी में कई सालों से आयोजित इस बार का ताज महोत्सव विवादों में विवादों के घेरे में आ गया है।दरअसल मामला राष्ट्रगीत पर हुस्न का जलवा दिखाए जाने का है।आपको बताते चलें कि इस बार के ताज महोत्सव में आईआईएफटी और यूपी टूरिज्म विभाग ने वंदे मातरम की धुन पर हुस्न का जलवा दिखाया। वंदे मातरम राष्ट्रगीत की धुन पर रैंप पर फैशन शो करते इन कलाकारों ने न केवल राष्ट्रगीत का अपमान किया बल्कि पूरे देश के देश भक्तों की भावनाओं से भी खिलवाड़ कर दिया।
जहां एक तरफ कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए शहीदों की शहादत के लिए 2 मिनट का मौन और जगह-जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है तो वहीं आईआईएफटी ने राष्ट्रगीत पर हुस्न का जलवा दिखाकर देश में एक घृणित काम कर दिया है। जिसको लेकर हिंदूवादी संगठनों में लगातार तीखा आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गुरुवार को बड़ी संख्या में बजरंग दल ब्रज प्रांत के संयोजक राकेश त्यागी और प्रांत विद्यार्थी प्रमुख दिग्विजय नाथ तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों बजरंगीओं ने यूपी टूरिज्म पर गदर काट दिया।
राष्ट्रगीत का यह अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। जिस हिंदू का खून ना खोले खून नहीं वह पानी है, राष्ट्र भूमि के काम ना आए वह बेकार जवानी है। जैसे नारों के साथ में नारेबाजी करते बजरंग दल के कार्यकर्ता आईआईएफटी, ताज महोत्सव मेला संयोजक सुधीर नारायण और राष्ट्रगीत की गरिमा का मजाक उड़ाने वाले यूपी टूरिज्म विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफ आई आर की मांग कर रहे थे।
बजरंग दल ने एडीएम सिटी आगरा को ज्ञापन देकर साफ कर दिया है कि जब तक राष्ट्रगीत की गरिमा का मजाक उड़ाने वाले आईआईएफटी, यूपी टूरिज्म और संयोजक सुधीर नारायण के खिलाफ अभियोग पंजीकृत नहीं होगा, ये आंदोलन जारी रहेगा और बजरंग दल इस लड़ाई को अंतिम चरणों तक लड़ा जाएगा।
