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इंद्रपुरी स्थित मां सिद्धिदात्री मंदिर में नवमी के दिन हुई महाआरती, भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया पूजन

by admin
Maha Aarti was performed on the day of Navami in Maa Siddhidatri Temple in Indrapuri, a large number of devotees worshiped

आगरा। नवरात्रि का पर्व देश के साथ शहर में भी धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। शहर के मंदिरों में मां की पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए नवरात्रों में विशेष पूजा अर्चना मंदिरों में की गयी। कमला नगर इंद्रपुरी स्थित मां सिद्धिदात्री संतोष मणि सिद्ध पीठ पर भी मां के नवरात्रों में विशेष पूजा अर्चना आयोजित की गई। विशेष मान्यता रखने वाले मंदिर में प्रथम दिन से लेकर नवमी तक भक्तों की खासी भीड़ देखने को मिली। नवमी पर मां के दरबार में सभी श्रद्धा भाव और अपनी मुरादों को लेकर पहुंचे थे। मां के दरबार में भक्तों ने मां की पूजा अर्चना की और और मां से अपनी मुरादों को पूरी करने की अर्जी लगायी। मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का दौर प्रारंभ हो गया और भक्त भी सुबह से ही मां के दर पर अपना माथा टेकने के लिए आते रहे।

इंद्रपुरी स्थित मां सिद्धिदात्री का मंदिर 40 साल पुराना है और क्षेत्र में मां के मंदिर की बहुत ही महिमा है। मंदिर के प्रमुख प्रबंधक सदस्य विवेक अग्रवाल ने बताया कि, मां के दरबार में भक्तों का ताता पूरे नवरात्रि लगा रहा है और नवमी पर मां के विशेष दर्शन करने के लिए भक्त दूर-दूर से आये है।

Maha Aarti was performed on the day of Navami in Maa Siddhidatri Temple in Indrapuri, a large number of devotees worshiped

मां सिद्धिदात्री के मंदिर में नवमी को विशेष हवन आयोजित किया गया जिसमें महिला पुरुषों और बच्चों ने पूर्णाहुति मां को समर्पित की, साथ ही भव्य आरती भी आयोजित हुई जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए। मां के दरबार को विशेष रूप से सजाया गया था। हलवे चने का भोग लगाया गया। इसके साथ भक्तों के लिए भंडारा भी आयोजित किया गया जिसमें सभी ने मां की प्रसादी ग्रहण की और मां से सभी को रोगमुक्त रखने के लिए प्रार्थना की।

Maha Aarti was performed on the day of Navami in Maa Siddhidatri Temple in Indrapuri, a large number of devotees worshiped

इस साल पहले लेखा बाबा ने मंदिर की स्थापना की थी। नगरकोट वाली मां ने लेखा बाबा को सपनों में दर्शन देकर मंदिर की स्थापना का निर्देश दिया था जिसके बाद मंदिर की स्थापना हुई। मंदिर में किसी भी तरह का दान नहीं चढ़ाया जाता है न ही मंदिर में कोई दान पर टिका लगाए गए हैं। नवरात्रों में मां की विशेष पूजा अर्चना की जाती है और इन विशेष अनुष्ठानों में दूर-दूर से भक्तगण शामिल होते हैं।

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