Agra. आगरा शहर में पर्यावरण लगातार प्रदूषित होता चला जा रहा है लेकिन स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण विभाग को शायद इसकी कोई चिंता नहीं है। इसलिए तो बेरोकटोक निर्माण कार्य जारी हैं, खुदाई की जा रही है जिससे यह प्रदूषण और बढ़ता चला जा रहा है। वहीँ धूल धक्कड़ के कारण लोगों को सांस लेने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। शुक्रवार को भी संजय प्लेस और ताजमहल समेत शहर के कई इलाकों में सांसों का आपातकाल रहा। भारी प्रदूषण और धूल की मौजूदगी में लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। हवा में बेहद सूक्ष्म कणों की मात्रा सामान्य से 9 गुना से ज्यादा दर्ज की गई जबकि खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड सामान्य से 37 गुना तक ज्यादा बनी रही।
शहर के दिल यानी संजय प्लेस में हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक रही। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 474 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में आगरा का औसत एक्यूआई 405 रहा। यह शहर के पांचों मॉनीटरिंग स्टेशन का औसत है, जबकि शहर में सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा संजय प्लेस की रही। इसके बाद ताजमहल पर एक्यूआई 407 दर्ज किया गया।

मनोहरपुर स्टेशन पर एक्यूआई 405, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 3 में 384 और शास्त्रीपुरम में 364 दर्ज किया गया। संजय प्लेस में वाहनों की भारी संख्या और ट्रैफिक जाम से निकले काले धुएं के कारण सूक्ष्म कणों की मात्रा 500 को पार कर गई। यहां औसतन पीएम 2.5 की मात्रा 456 दर्ज की गई जो बेहद गंभीर स्थिति को बयान कर रही है।
जिला अस्पताल की सीएमएस एके अग्रवाल का कहना है कि वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्थिति में रहने की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। सिर दर्द, आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत होना, खांसी आदि की शिकायतें बढ़ रही हैं। वहीं, दमा से पीड़ित लाेगों को अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
