राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दीव पहुंच कर विकास कार्यों से संबंधित कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया।केंद्र शासित प्रदेश दादर व नगर हवेली के सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की कोशिशों की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ऊर्जा जरूरतों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने वाला दीव देश का पहला जिला बन चुका है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने चार दिवसीय दौरे पर दीव पहुंचे हैं। इसी दौरे के बीच शनिवार को दीव में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। इसमें आईआईआई वडोदरा-अंतरराष्ट्रीय कैम्पस दीव के पहले शैक्षणिक सत्र का उद्घाटन, कमलेश्वर स्कूल, घोघला, सौदवाड़ी में एक स्कूल के निर्माण के लिए आधारशिला रखना, दीव सिटी वॉल पर 1.3 किलोमीटर हेरिटेज वॉक-वे का मरम्मत कार्य, हेरिटेज प्रीटिक्स का संरक्षण, फोर्ट रोड पर फल और सब्जी बाजार का उन्नयन और दीव जिले के संपूर्ण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एकीकृत नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का विकास कार्य शामिल है। इस मौके पर राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश में नागरिकों के प्रयासों को सराहा, साथ ही कहा कि इस केंद्र शासित प्रदेश को पिछले 4 वर्षों में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से सामाजिक विकास के क्षेत्र में लगभग 40 पुरस्कार और सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्राकृतिक धरोहरों और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थानीय प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर प्रयासों से अब दीव शहर भारत का ऐसा पहला नगर बन गया है, जो दिन के समय अपनी ऊर्जा की शत-प्रतिशत जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी कर रहा है। वहीं राष्ट्रपति यह जानकर बहुत खुश हुए कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के चलते यह केन्द्रशासित प्रदेश तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि इस केंद्र शासित प्रदेश ने स्वच्छ भारत अभियान को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। यह गर्व की बात है कि इस संघ राज्य-क्षेत्र के तीनों जिलों को ‘खुले में शौच से मुक्त’ घोषित किया जा चुका है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने हर घर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी निभाकर पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम की है। लोगों की जागरूकता और प्रशासन के अथक प्रयासों के कारण, दमन और दीव ने सन 2019 के ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ में पहला स्थान हासिल किया था।
