Agra. भारतीय जनता पार्टी की ओर से खेरागढ़ से टिकट न मिलने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के करीबी माने जाने वाले दिगंबर सिंह धाकरे ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा से बागी होकर वे खेरागढ़ से निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे है। निर्दलीय प्रत्याशी दिगम्बर सिंह धाकरे नामांकन करने के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए और फूट-फूट कर रोये। रोते हुए उन्होंने अपना दर्द बयां किया और कहा कि भाजपा ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। उन्होंने खुद को मोदी और योगी का सिपाही बताते हुए चुनाव में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्या के बीच मुकाबला होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि केशव मौर्या के चलते भाजपा ने 22 दिन पहले पार्टी में आये ऐसे व्यक्ति को टिकट दी जो उनके वर्तमान विधायक से 35 हजार वोटों से चुनाव हारा था। भाजपा के बीच के कुछ नेता शीर्ष स्तर पर गलत रिपोर्ट देकर उन लोगों को टिकट दिलवा रहे हैं जो उनके बेहद करीबी है। उन्होंने इशारों-इशारों में टिकट दिलवाने के पीछे कुछ और भी तर्क देने का प्रयास किया लेकिन बातों से कुछ नहीं कहा।
केंद्रीय मंत्री के करीबी है दिगंबर सिंह
आगरा के खेरागढ़ विधानसभा निवासी दिगम्बर सिंह धाकरे 2002 में खेरागढ़ से कुल्हाड़ी चुनाव निशान पर निर्दलीय लड़े थे। इसके बाद बीते नगर निकाय चुनाव में उन्होंने बसपा से मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा था। आगरा में सर्जिकल पार्ट्स के सबसे बड़े सप्लायर के साथ इनकी पत्नी भी समाजसेवी के रूप में अच्छी पहचान रखती हैं। मेयर के चुनाव में दूसरे नम्बर पर आने के बाद इन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली थी और वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल के सबसे करीबियों में गिने जाते थे।
की थी दावेदारी
दिगम्बर सिंह धाकरे ने आगरा की खेरागढ़ विधानसभा से वर्तमान विधायक महेश गोयल की टिकट कटने की संभावना पर दावेदारी की थी। ठाकुर समाज मे अच्छी पकड़ के साथ स्थानीय निवासी होने के चलते इन्हें टिकट की पूरी उम्मीद थी। दिगम्बर का आरोप है की उन्हें बसपा और रालोद से टिकट का आमंत्रण था पर भाजपा ने उन्हें अंत तक दिलासा दी और जब सब हाथ से निकल गया तो इंकार कर दिया।
बड़े कद के नेता दे रहे हैं गलत रिपोर्ट
दिगम्बर सिंह का कहना है कि वो आज भी योगी और मोदी के सिपाही हैं और चुनाव जीतने पर योगी के समर्थन में विधानसभा में वोट करेंगे। उन्हें नाराजगी भाजपा के बीच के कुछ नेताओं से है जो गलत रिपोर्ट देकर लालच के लिए लोगों को टिकट दिलवाते हैं। मैं ऐसा कार्यकर्ता था जो कई बार लोगों के मिलने आने पर आधी दाढ़ी बनाकर ही आ गया और बाद में पूरी दाढ़ी बनाना ही भूल गया। खेरागढ़ का बच्चा- बच्चा आज भी मेरे चुनाव निशान को याद रखता है।
