Agra. ताजनगरी पहुंचे भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह कृषि कानून की वापसी को लेकर धरने पर बैठे किसान और इस आंदोलन को चला रहे अन्य किसान यूनियन को आड़े हाथों लेते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की।
धरने पर बैठे किसानों को बताया आतंकवादी
भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने मोदी सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में सड़कों पर धरने पर बैठे किसानों की तुलना आतंकवाद से की और कहा कि वे सभी अवसरवादी हैं। उन्होंने कहा कि जो किसान सड़कों पर घर बनाकर और उनमें एसी लगाकर रहने लगे हैं वो किसान गरीब नहीं है जबकि लड़ाई गरीब किसान है।
अन्य कानूनों के वापस होने की उठेगी मांग
भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह का कहना है कि जब कृषि कानून लोकसभा राज्यसभा और महामहिम के यहां से पास हो गए तो फिर कानून कैसे वापस हो सकते हैं। अगर किसानों के दबाव में बिल कानून वापस हो गए तो फिर सरकार को एनआरसी धारा 370 व अन्य जो कानून लागू किए हैं उन्हें भी वापस लेना होगा। इन कानूनों के वापस होते ही देश के बुरे दिन शुरू हो जाएंगे।
किसान आयोग का हो गठन
किसान नेता भानु प्रताप सिंह का कहना है कि उनका संगठन किसानों के हित के लिए किसान आयोग के गठन की मांग कर रहा है। इस मांग को पूरा कराया जाएगा जिससे किसानों को हर संभव मदद मिल सके।
