Agra. केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों को 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी भारतीय किसान यूनियन का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन नेतृत्व के आवाहन पर भारतीय किसान मोर्चा महिला जिला अध्यक्ष सावित्री चाहर के नेतृत्व में सदर तहसील पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल लगा दिया गया था। इस बीच नारेबाजी करते हुए सावित्री चाहर भारी संख्या में किसानों के साथ पहुंच गई लेकिन तैनात पुलिस बल ने उन्हें तहसील में घुसने से रोक दिया।
सावित्री चाहर के नेतृत्व में किसानों ने सदर तहसील के गेट पर ही जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन मैन बॉडी के जिला अध्यक्ष भी इस दौरान मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन के सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी व किसान केंद्र सरकार के किसान बिल की प्रति हाथों में लिए हुए थे और फिर उन्होंने बिल को फाड़ना शुरू कर दिया इसे देखकर पुलिस हरकत में आई और केंद्र सरकार के किसान बिल की प्रति को फाड़ने से सभी को रोकने लगे। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और पुलिस में नोकझोंक भी हुई।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजू का कहना था कि आज पूरे प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन नेतृत्व के आह्वान पर केंद्र सरकार के किसान विरोधी बिलों का विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सभी तहसील पर किसान यूनियन के पदाधिकारी किसानों के साथ किसान बिल की प्रतीक को फाड़ कर अपना विरोध आक्रोश जता रहे हैं। उनका कहना था कि इस बिल के विरोध में किसानों को प्रदर्शन करते हुए काफी लंबा समय व्यतीत हो गया है लेकिन केंद्र सरकार अपनी तानाशाही रवैया को छोड़ने को तैयार नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा किया गया सरकार बैकफुट पर नहीं आई तो यह प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा।
सावित्री चाहर का कहना था कि केंद्र सरकार किसान विरोधी तीनों बिल को तानाशाही रवैया अपनाकर लागू कराना चाहती है लेकिन यह किसानों के हित में बिल्कुल नहीं है। अगर सरकार ने अपनी यह बिल वापस नहीं लिए तो किसान और किसान यूनियन केंद्र सरकार की ईट से ईट बजाने को तैयार हैं।
