आगरा। राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध में अखिल भारतीय राष्ट्रीयकृत बैंक फेडरेशन द्वारा मार्च माह में दो दिनी हड़ताल की जाएगी। 15 और 16 मार्च को होने वाली हड़ताल में बैंकों के निजीकरण से होने वाले नुकसान और इससे आम ग्राहकों समेत लोगों पर पडऩे वाली परेशानियों को बताया जाएगा और केंद्र सरकार से निजीकरण वापस लेने की मांग की जाएगी।
दीवानी चौराहा केनरा बैंक परिसर के जोनल कार्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीयकृत बैंक ऑफिसर फेडरेशन द्वारा एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरानफेडरेशन की राज्य समिति सदस्य अंकित सहगल ने जानकारी देते हुए बैंक अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों की पहुंच शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में है। केनरा बैंक की 75 प्रतिशत शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। बैंक अधिकारियों का कहना था कि राष्ट्रीयकृत बैंक एक भरोसे का नाम है। इसमें ग्राहकों का पैसा कभी डूबता नहीं, सुरक्षित रहता है। वहीं प्राइवेट बैंक में रखा ग्राहकों का पैसा कब डूब जाए, उन्हें पता ही नहीं चलेगा। उन्होंने निजीकरण के हाल के फायदे बताते हुए कहा कि शुरुआत में तो निजी बैंक ग्राहकों को काफी प्रलोभन देंगी। जब सभी बैंक निजीकरण के दायरे में आ जाएंगे तो वे मनमानी करेंगी और ग्राहकों को मनमाफिक तरीके से लूटेंगी।
राष्ट्रीयकृत बैंकों की 2 दिन की हड़ताल 15 और 16 मार्च को रहेगी। इससे पहले जहां 13 मार्च को सेकंड सैटरडे रहेगा तो वहीं 14 मार्च को रविवार होने की वजह से पहले ही 2 दिन की छुट्टियां पड़ जाएगी। इस तरह अगले सप्ताह लगातार चार दिन बैंक बंद रहेगी। इसलिए ग्राहकों से अपील है कि वह बैंक से जुड़े जरूरी काम 12 मार्च से पहले ही निपटा लें।
