Agra. एक पिता ने अपनी संपत्ति को खूब बनाया। परिवार खुश रहे इसलिए रात दिन मेहनत कर होटल बनाया। परिवार को खुशहाल किया और जब बेटे बराबर के हो गए, शादियां हो गई तो उन्हें होटल की जिम्मेदारी भी सौंप दी लेकिन जिस तरह से संपत्ति और होटल की प्रतिष्ठा बढ़ी, उसी के साथ दोनों बेटों के बीच विवाद खड़ा हुआ और परिवार में दरारें भी आ गई। आज एक पिता अपने दोनों बेटों को आपस में संपत्ति के लिए लड़ता देख खामोश तो है लेकिन पूरी तरह से टूट गया है। यह पंक्तियां होटल अमर के मालिक अमर देव साहनी के लिए है जिन्होंने 80 साल की उम्र में अपने दोनों बेटों को लड़ता हुआ देखा है और इस दर्द को झेलना उनके लिए मुश्किल नज़र आता है। इस विवाद को लेकर शनिवार को होटल अमर के मालिक अमर देव साहनी के बड़े बेटे रोमिंदर सिंह साहनी पत्रकारों से रूबरू हुए। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने सिर्फ दो बातें ही कहीं कि ‘संपत्ति का किसी भी तरह का विवाद नहीं है, भाई क्या चाहता है उन्हें नहीं मालूम। उनके माता-पिता को अब इस उम्र में किसी भी तरह का दर्द न झेलना पड़े।’
शनिवार को होटल अमर के मालिक अमर देव साहनी के बड़े बेटे रोमिंदर सिंह साहनी की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। रोमिंदर सिंह साहनी ने अपने पक्ष को पत्रकारों के सामने रखा। प्रेस से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से दैनिक अखबारों में दो भाइयों के बीच संपत्ति के विवाद की बात आ रही है। ऐसा कुछ नहीं है। छोटे भाई के अविवेक पूर्ण कृत्यों से यह समस्या खड़ी हुई है। बोर्ड मीटिंग के दौरान जो कुछ हुआ वह किसी से छिपा नहीं है। छोटे भाई जसविंदर सिंह साहनी ने हर दर्जे की अभद्रता और मारपीट की जो सभी ने देखा।
पिता की बिगड़ गई थी तबीयत
प्रेस वार्ता के दौरान रोमिंदर सिंह साहनी ने कहा कि बोर्ड मीटिंग में जो कुछ भी हुआ, छोटे भाई ने जो कुछ भी किया उसके कारण उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। अगर स्टाफ ने उन्हें संभाला नहीं होता तो कुछ भी हो सकता था। मेरे पिता पूजनीय है, उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत ना हो इसीलिए वह अपना घर छोड़कर होटल में रहने के लिए आ गए हैं ताकि छोटे भाई को दिक्कत न हो और किसी भी तरह का विवाद खड़ा ना हो।
पिता को देना चाहते हैं अपने शेयर
रोमिंदर सिंह साहनी ने कहा कि वह अब इस उम्र में अपने पिता की आंखों में आंसू देखना नहीं चाहते। अगर पिता कहेंगे तो वह अपने सभी शेयर भी उन्हें दे देंगे जिससे उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत न हो और पिता आराम से अपना जीवन गुजार सकें।
रोमिंदर सिंह साहनी ने कहा कि जिस तरह से छोटे भाई ने एक कृत्य को अंजाम दिया है उससे अब उन्हें अपनी जान के साथ साथ पत्नी और बच्चों की जान का भी खतरा लगने लगा है। छोटा भाई अब किसी भी हद तक जा सकता है। इसीलिए उन्होंने पुलिस से अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की भी मांग की है।
यह है मामला
फतेहाबाद रोड़ स्थित अमर होटल के मालिक अमर देव साहनी की अध्यक्षता में बोर्ड मीटिंग बुलाई गई थी। मीटिंग का उद्देश्य व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए रूप रेखा तैयार करना था। बैठक में अमर देव साहनी के अलावा बड़ा बेटा व प्रबंध निदेशक रोमिंदर सिंह साहनी, उपाध्यक्ष व छोटा बेटा जसविंदर सिंह साहनी, कंपनी सेक्रेटरी प्रमोद शर्मा मौजूद थे। व्यापार पर चर्चा के दौरान जसविंदर सिंह अचानक आग बबूला हो गए। वह पिता से अभद्र व्यवहार करने लगे। रोमिंदर साहनी ने आरोप लगाया कि उन्होंने छोटे भाई से कहा कि वह पिता से अभद्रता न करे। इस पर वह भड़क गया और पास रखा पानी का गिलास फेंक कर मारा। आसपास रखा सामान तोड़ने लगा, कुर्सी खींच कर उन्हें नीचे गिरा दिया। छाती पर बैठकर लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। उनके बाल पकड़कर सिर जमीन में पटक दिया। रोमिंदर ने आरोप लगाया कि जसविंदर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल की बट से उनके सिर पर प्रहार किया। पिता अमरदेव साहनी बचाने आए तो उन्हें भी धक्का देकर गिरा दिया।
