आगरा। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार चिल्लू व कांग्रेस जनों ने एक संयुक्त बयान में लॉकडाउन में शहर में पूरी तरह से लड़खड़ाती स्वास्थ्य व्यवस्था और पिछले 7 दिनों में इलाज न मिल पाने के कारण कई लोगों की मृत्यु पर गहरा रोष प्रकट करते हुए इसके लिए मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, जिला प्रशासन व उ प्र की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
शहर अध्यक्ष ने कहा है कि शासन-प्रशासन कोरोना जैसी महामारी से निपटने में पूरी तरह से नाकारा, अक्षम व निष्क्रिय साबित हुआ है, रोजाना समाचारपत्रों में जन सुविधाओं के नाम पर नई नई सूचनाएं व हेल्प लाइन नंबर जारी कर आम जनता के जीवन से खुला खिलवाड़ किया जा रहा है, जोकि शासन प्रशासन की सिर्फ काग़ज़ी व जुबानी – जमा खर्च जैसी खानापूर्ति मात्र है, जमीनी स्तर पर आम जनता बदहाल व परेशान है।
शहर कांग्रेस प्रवक्ता आईडी श्रीवास्तव ने कहा है कि लॉकडाउन में निजी व सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिलने के कारण कई लोगों की मौत हुई है, आखिर इनकी मौत की जिम्मेदारी किस विभाग की है , क्या जिला प्रशासन, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, व शासन अपनी इन नाकामियों पर पर्दा डाल सकता है।
वरिष्ठ कांग्रेसियों का कहना है कि आगरा के चुने गए जन प्रतिनिधि जोकि सत्ता पक्ष के ही हैं, पूरी तरह से नाकारा साबित हुए हैं, आगरा सहित पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं व डोर टू डोर योजना द्वारा संचालित आवश्यक वस्तुओं – दवाओं के फेल होने के लिए जितना प्रशासन जिममेदार है, उससे कहीं ज्यादा बीजेपी के चुने गए जनप्रतिनिधि दोषी हैं, जोकि लॉक डाउन के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद कुंभकरण की नींद में सो रहे थे। अब जनता में बढ़ते क्रोध व आक्रोश को भांपकर घड़ियाली आंसू बहाकर प्रदेश सरकार के मुखिया को पत्र लिखकर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ रहे हैं व जनता की कोरी सहानभूति लेने का ढोंग कर रहे हैं।
कांग्रेस जनों ने प्रदेश की योगी सरकार व प्रशासन से मांग की है कि वह लॉकडाउन में आगरा में इलाज के अभाव में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिजनों को तत्काल 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करें व दोषी जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें।
