Agra. रहस्मई बुखार और डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर आखिरकार जिला प्रशासन की नींद टूट गयी है। मंगलवार सुबह जिला अधिकारी पीएन सिंह और मुख्य विकास अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करने के लिए निकले। जिला अधिकारी अकोला ब्लॉक पहुँचे। जिलाधिकारी पीएन सिंह ने डेंगू के बढ़ रहे केस के चलते मलपुरा, लालऊ, खाल खलुआ गांव का दौरा किया और साफ सफाई का निरीक्षण किया, साथ ही गांव में हैल्थ कैम्प लग रहे है या नहीं इसकी भी जानकारी ली।
सफाई व्यवस्था से नाखुश दिखे डीएम
जिलाधिकारी पी एन सिंह ने जिन गांव का दौरा किया वहां सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली जिसको लेकर जिला अधिकारी का पारा चढ़ा और उन्होंने ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई, साथ ही डेंगू के बढ़ते केसों के चलते सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
हाल ही में हुई है 4 बच्चों की मौत
रहस्मई बुखार के चलते हाल ही में मलपुरा गांव में 4 बच्चों की मौत हुई है जिससे ग्रामीण दहशत में है तो वहीं ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही थी जिसके चलते डीएम ने यहां दौरा किया और ग्रामीणों की नाराजगी दूर की।

अकोला और बरौली अहीर बने डेंगू के हब
जिलाधिकारी पीएन सिंह का कहना है कि डेंगू के केस पहले पिनाहट और बाह क्षेत्र से अधिक निकल रहे थे लेकिन अभी अकोला और बरौली अहीर ब्लॉक से ज्यादा निकल रहे है। यह चिंता की बात है इसलिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी बरौली अहीर का निरीक्षण कर रहे है तो वहीं में खुद अकोला आया हूं। जहाँ केस निकले है वहां की सफाई व्यस्था व हैल्थ कैम्प चेक कर रहे है।
जलभराव के प्रश्न पर चुप्पी
अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है, इस जलभराव के कारण कई गंभीर बीमारियां पनप रही हैं। जिलाधिकारी से जब ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे जलभराव के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने अपना जवाब ही बदल दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे जलभराव को प्राथमिकता नहीं दी बल्कि घरों में पानी न जमा होने की हिदायत देते रहे। उन्होंने कहा कि अगर घरों में पानी जमा होगा तो डेंगू का मच्छर वहां पनपेगा जो परिवार के लिए हानिकारक है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में घरों के बाहर हो रही जलभराव पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
धनौली में जलभराव का जल्द होगा निदान
जलभराव की समस्या को लेकर धनौली के कौशल जो पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं, उस पर जिला अधिकारी का कहना है कि उनकी समस्या के समाधान के लिए कार्य योजना बनकर तैयार कर ली गई है जल्दी टैंडर जारी कर दिया जाएगा और यहां पर जल निकासी की व्यवस्था हो जाएगी।
