आगरा। विगत दिनों आगरा की सुलहकुल की नगरी की जो फिजा खराब हुई। समाज दो धड़ो में बंटने की कगार पर आ गया है। ऐसी स्थिति में सर्व समाज को एकजुट कर सभी में प्रेम भाव का सन्देश देने के लिए धर्म गुरु आगे आये। बुधवार को बौद्ध विहार चक्की पाट में सर्व धर्म सभा का आयोजन हुआ। इसमें सभी धर्मगुरुओं ने भाग लिया और लोगों से ताजनगरी को प्रेम की नगरी बनाये रखने की अपील की।
इस सभा के दौरान सर्व धर्म के गुरुओं ने शान्तिपूर्वक होने वाले प्रदर्शन के हिंसक होने पर विचार रखे। भदन्त ज्ञान रत्न ने कहा की एससी एसटी के संशोधन को लेकर लोगों में बहुत बेचैनी थी कि दलितों के सभी अधिकार ख़त्म कर दिए। उसी के लिए दलितों ने शान्ति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन यह उपद्रव कैसे हो गया यह कोई नहीं जनता।
महंत योगेशपुरी ने कहा कि आंदोलन ठीक चला लेकिन उसको कुछ लोगो ने स्वार्थ के चलते हिंसा में बदला।
मौलाना उजैर आलम नायब शहर क़ाज़ी ने कहा कि हम किसी महजब से जुड़े है लेकिन हम सब एक है। हमारे शहर में शान्ति बनी रहे यह हम सब का फर्ज है।
फादर सुरेश दयाल ने कहा कि इंसान के पास सब एक सी चीज है। ईश्वर ने किसी को अलग से नहीं दिया है। कुछ लोग हैं जो फिजा को ख़राब करना चाहते है। मैंने देखा कि एक विदेशी बस को नुकसान पहुंचा रहे थे। वह विदेशी देश की क्या छवि लेकर गए होंगे। उन्होंने प्रार्थना की कि आगरा में जल्दी से अमन चैन कायम हो।
संचालन करते हुए बन्टी ग्रोवर ने कहा की आगरा सुलह कुल की नगरी है जहाँ सभी परस्पर प्यार से रहते है और आगरा के निवासी इस प्यार को हमेशा बना रखेंगे।
इस दौरान सभी लोगों ने इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को भी निशाना बनाये जाने की निंदा की। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। उन।पर यह हमला एक कायराना हरकत है। दोषी कोई भी हो उनपर कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिये।
वत्सला प्रभाकर ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि सभी धर्मगुरु और समाज सेवी संगठन पत्रकारों के साथ हमेशा खड़े है।
