आगरा। आरओ प्लांट पर आगरा प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाई को लेकर आरो प्लांट संचालकों में रोष व्याप्त है। बीते दिनों प्रशासन द्वारा 6 बड़े आरओ प्लांट के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई को लेकर प्लांट संचालक लामबंद हो गए हैं। प्लांट संचालकों ने सरकार से परिवार का भरण पोषण करने का हवाला देते हुए प्लांट संचालन करने की अनुमति मांगी है।
शहर के पंचकुइयां चौराहे के निकट आटे वालों की बगीची में आरओ प्लांट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में अपना दुखड़ा रोया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बीते दिनों प्रशासन द्वारा एक साथ की गई आरओ प्लांट पर की गई कार्रवाई के बाद प्लांट संचालको के सामने रोजी रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। सरकार ने पहले तो प्लांट संचालकों को एफएफएसएआई द्वारा सभी को लाइसेंस जारी किए गए और अचानक प्रदेश सरकार के एक तुगलकी फरमान के बाद प्रशासन अब सभी प्लांट पर कार्रवाई करने पर अमादा है। एक तो सरकार अभी तक ताजनगरी में गंगाजल नहीं ला पाई है और दूसरी ओर शहर में संचालित आरओ प्लांट को बंद कराने पर तुली हुई है।
आरओ प्लांट संचालकों ने आरोप लगाया कि सरकार शहर में बड़े आरो प्लांट के पूंजीपतियों को स्थान देना चाह रही है जिससे स्थानीय स्तर पर काम कर रहे छोटे मझोले प्लांट संचालकों पर का काम बंद किया जा सके। एसोसिएशन के माध्यम से जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर अपनी परेशानी को उनके सामने रखा जाएगा।
इस दौरान देवेंद्र कुमार निगम, क्रेश चंद्र, दीपक धवन, देवेंद्र चतुर्वेदी, विकास कुमार, जगदीश प्रसाद, राशिद सैफी, अमित त्यागी, उमेश वर्मा, पदम सिंह, कमलजीत सिंह, दुर्गेश, प्रशांत पचौरी, जितेन जैन, मिर्जा जीशान कमाल, सुशील चौधरी नरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, आकाश यादव, खन्ना यादव आदि सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
