फिरोजाबाद। श्रमिक नेता रामदास मानव की गिरफ्तारी को लेकर बीते दिन से चल रहा प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रमिक नेता की गिरफ्तारी के विरोध में महिलाओं में शनिवार को पुलिस के विरोध में मोर्चा खोल दिया था जो रविवार को आक्रोश में बदल गया। श्रमिक नेता रामदास मानव के परिवार के साथ हजारों चूड़ी मजदूर महिलाएं सड़को पर उतर आई। आक्रोशित महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए स्टेशन रोड से जुलूस शुरु किया और आर्य नगर स्थित नगर विधायक मनीष असीजा के आवास पर पहुँच गयी। हाथों में तख्तियां लेकर जिन पर लिखा था, ‘मजदूर एकता जिंदाबाद, मानव को आजाद करो के साथ विधायक के विरोध में नारेबाजी कर आवास पर प्रदर्शन किया।
विधायक के घर प्रदर्शन की सूचना पर थाना उत्तर और दक्षिण का पुलिस फोर्स दोनों थाना प्रभारियों सहित पहुंच गया। श्रमिक महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना पर नगर विधायक मनीष असीजा भी आ गए। विधायक को देखकर श्रमिको का आक्रोश और भड़कने लगा। विधायक से वार्ता करते हुए श्रमिकों की ओर से धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि विधायक को मजदूरों ने वोट किया, जिताया और आज विधायक सेवायोजकों की तरफ ध्यान दे रहे हैं। मजदूरों का जो नेता उनकी आवाज उठा रहा था उसे जेल भेज दिया गया। अगर श्रमिकों की मांगों को पूरा और श्रमिक नेता को रिहा नहीं किया गया तो फिर मजदूरों का आक्रोश और बढ़ेगा। मीडिया में खबरें चल रही हैं हड़ताल खुल गयी है कहां खुल गई हड़ताल, अगर हड़ताल खुली होती तो क्या इतनी संख्या में मजदूरों की महिलायें एकत्र होतीं। प्रशासन के पास अब भी समय है श्रमिकों की मांगों को लेकर उनसे व उनके नेताओं से बात कर समाधान करें।

श्रमिक महिलाओं का कहना है कि मजदूरी बढ़ाये जाने की मांग को लेकर एक माह से सभी चूड़ी मजदूर हड़ताल कर रहे हैं। उनके घरों में चूल्हे बुझे पड़े हैं। भुखमरी की कगार पर आ गए हैं जो व्यक्ति उनके न्याय और हक की लड़ाई लड़ रहा है उसे पुलिस ने जेल दिया है यह कहां का न्याय है।
दो दिन पहले चूड़ी जुड़ाई श्रमिको की हड़ताल के दौरान तोड़ों की तोड़फोड़ व काम बंद कराने के मामले में पुलिस ने श्रमिक नेता व उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तभी से श्रमिक सड़को पर हैं। उनका आरोप है कि सेवायोजकों के कहने पर यह गिरफ्तारी हुई है।
फिलहाल विधायक मनीष असीजा ने महिलाओ को आस्वस्त किया है कि वो इस संबंध में पुलिस के साथ श्रम विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेंगे और उनका पक्ष रखेंगे जिससे यह मामला शांत हो सके। श्रमिक महिलाओं ने भी साफ कहा कि अगर श्रमिक नेता को जेल से रिहा नही किया गया तो आंदोलन जारी रहेगा।
